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    कोरोना वायरस - शरीर के बाहर भी कई दिन तक रह सकता है जिन्‍दा

    कोरोना वायरस - शरीर के बाहर भी कई दिन तक रह सकता है जिन्‍दा 

    दोस्‍तों जैसा कि हम सबको पता है कि पूरी दुनिया एक महामारी से जूझ रही है जिसका नाम है कोरोना। इस वायरस के बारे में पूरी दुनिया में रिसर्च चल रही है लेकिन अभी तक इसकी वैक्‍सीन नहीं बन पायी है। इस बीमारी को फैलाने वाले वायरस COVID-19 जिसका दूसरा नाम SARS-CoV-2 भी है, एक रहस्‍यमयी वायरस है जो आपको पता लगे बिना आपको संक्रमित कर सकता है ।  इस बीमारी के बारे में रिसर्च करते करते वैज्ञानिकों को एक ऐसी बात पता चली जो इसकी भयावहता को दर्शाने के लिए पर्याप्‍त है । 
    द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, सीडीसी, यूसीएलए और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किये  एक शोध के अध्ययन के अनुसार, कोरोनो वायरस बीमारी 2019 (COVID-19) का वायरस एरोसोल और सतहों पर कई घंटों तक जिन्‍दा रहता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि  सार्स कोरोना वायरस 2 (SARS-CoV-2) स्टेनलेस स्टील पर तीन घंटे तक, तांबे पर चार घंटे तक, कार्ड बोर्ड पर 24 घंटे तक और प्लास्टिक पर दो से तीन दिन तक का पता लगाया जा सकता है। 

          रॉकी माउंटेन लैबोरेट्रीज़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिसीज़, मोंटाना के वैज्ञानिकों ने पाया कि कैसे कोरोना वायरस SARS-CoV-2)  मनुष्‍य को प्रभावित करता है । यह SARS-CoV-1  का ही एक एडवांस वर्जन है जो SARS का कारण बनता है।  सार्स वायरस  SARS-CoV-1 के बारे में तो हमें पता ही है कि कैसे यह चीन से उभरा और 2002 और 2003 में 8,000 से अधिक लोगों को संक्रमित किया।
          हांलांकि SARS-CoV-1 को बहुत की व्‍यापक उपाय और केस आइसोलेशन द्वारा  मिटा दिया गया था और 2004 के बाद से किसी भी मामले का पता नहीं चला है। SARS-CoV-1 सबसे पहला मानव कोरोना वायरस  है जो SARS-CoV-2 (कोविड-19) का सबसे निकट सम्‍बन्‍धी है। सामान्‍यतया ये दोनों वायरस  समान व्यवहार करते हैं, लेकिन फिर भी यह एक बड़ी चुनौती थी  कि आखिर  COVID-19 बहुत बड़ा प्रकोप क्यों बन गया है।

    इस बात का पता लगाने के लिए हुए इस अध्ययन में एक संक्रमित व्यक्ति से घर या अस्पताल की रोजमर्रा की सतहों पर, जैसे कि खांसी या छूने वाली वस्तुओं के माध्यम से वायरस को खोजने का  प्रयास किया गया । वैज्ञानिकों ने इस बात की विस्‍तार से जांच की कि इन सतहों पर वायरस कब तक संक्रामक रहा।  अध्ययन के अनुसार, कोरोनोवायरस बीमारी 2019 (COVID-19) का वायरस एरोसोल और सतहों पर कई घंटों तक जिन्‍दा रहता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि  सार्स कोरोना वायरस 2 (SARS-CoV-2) स्टेनलेस स्टील पर तीन घंटे तक, तांबे पर चार घंटे तक, कार्ड बोर्ड पर 24 घंटे तक और प्लास्टिक पर दो से तीन दिन तक का पता लगाया जा सकता है। 

    वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन से इस बात का भी पता लगाया  कि यदि दो कोरोना वायरस का व्‍यवहार समान है, तो SARS-CoV-2 अधिक मामलों में क्यों होता है? 
    इस सम्‍बन्‍ध में भी अब यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि  SARS-CoV-2 (कोविड-19) से संक्रमित लोग बिना पहचान के, या पहचानने से पहले, लक्षणों के बिना वायरस फैला सकते हैं।  इस कारण यह बीमारी ज्‍यादा फैल रही है। 

    इस शोध के बाद ही वैज्ञानिकों ने यह एडवाइजरी जारी की :- 

    जो लोग बीमार हैं उनसे निकट संपर्क से बचें।
    अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
    बीमार होने पर घर पर रहें।
    अपनी खांसी को कवर करें या एक टिश्‍यू के साथ छींकें, फिर टिश्‍यू को कूड़े में फेंक दें।
    नियमित घरेलू सफाई स्प्रे या पोंछे का उपयोग करके उन जगहों को साफ रखें  जिन्‍हें अक्‍सर छुआ जाता है। 

    स्रोत :- साइंस डेली

    लेख को पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्‍यवाद ।

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