कोरोना वायरस - वो बातें जो आपको जानना है बेहद जरूरी
कोरोना वायरस और आपके सवाल
कोरोना वायरस चीन समेत पूरी दुनिया के लिए एक बड़े खतरे
के रूप में सामने आया है. इस बीच इस वायरस को लेकर अफवाहों का दौर जारी है. हमने
इस लेख में उन सवालों को लेकर बात की है जो अक्सर पूछे जाते हैं.
सवाल नं0 1 – क्या कोरोना वायरस
का कोई टीका (वैक्सीन) उपलब्ध है?
नहीं. फि़लहाल इस वायरस की कोई भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है लेकिन वैज्ञानिक कोरोना
वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं.
सवाल नं0 2 – क्या कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद रोगी सामान्य जीवन
जी सकता है?
हां.
वे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य है, उनका रोग पश्चात जीवन सामान्य रह सकता है. इस वायरस से संक्रमित कई मरीजों
में इसके हल्के फुल्के लक्षण दिखाई देते हैं. इनमें बुखार, खांसी और सांस लेने में होने वाली दिक्कतें शामिल
हैं. ज्यादातर लोग इस संक्रमण से ग्रस्त होने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो जाते
हैं.
सवाल नं 3 – इस वायरस से सबसे ज्यादा खतरा किसे है?
यह
वायरस उन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है जो बुजुर्ग हैं साथ ही वे
लोग जो डायबिटीज़ और कैंसर जैसी बीमारियों से ग्रस्त हैं. इसके साथ ही अल्प रोग
प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग भी इसके आसान शिकार हैं.
सवाल नं0 4 – इन्क्यूबेशन पीरियड (रोगोद्भवन समय) क्या होती है? कोरोना
वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड कितना होता है?
किसी भी वायरस की वह समयावधि जब वह किसी प्राणी
को संक्रमित कर दे लेकिन उस रोगी के शरीर में उस वायरस के लक्षण दिखायी न दें, उस समयावधि को इन्क्यूबेशन पीरियड कहते हैं.
कोरोना वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड 2-10
दिन माना जा रहा है. हालांकि अभी इस पर और शोध बाकी है.
सवाल नं0 5- सबसे ज्यादा बीमारियां चीन से ही क्यों फैलती हैं?
इसका सही
कारण है कि चीन की एक बड़ी आबादी जानवरों के करीब रहती है. अधिकतर चीन की जनसंख्या
मांसाहारी है जो सामान्य मांस के अलावा वे जानवर जिनका शिकार प्रतिबन्धित है उनका
मांस भी बड़ी संख्या में खाती है.
कोरोना
वायरस के शुरूआत वाले संक्रमण के मामले भी दक्षिणी चीन के सी-फूड के थोक बाजार से जुड़े
हुए हैं. इन बाजारों में सी-फूड के अलावा मुर्गे, चमगादड़ और सांप भी बेचे जाते हैं.
सवाल नं0 6- क्या चीन से आये सामान को छूने से भी कोरोना वायरस भी फैल सकता है?
यह निश्चित
रूप से नहीं कहा जा सकता लेकिन हां इस बात का खतरा तो बना हुआ है क्योंकि कोई भी चीज
जिस पर वायरस होने का संदेह हो उसके सम्पर्क में आने पर संक्रमण का खतरा तो बना ही
रहता है. ऐसा पहले सार्स नामक बीमारी के मामले में हो चुका है.
इस बात
की संभावना इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि कोरोना वायरस इंसान के शरीर के बाहर भी कई
महीनों तक जीवित रह सकता है.






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